कश्मीरी पंडितों के बाद अब घाटी में सिखों को निकालने की साजिश, कहा धर्म बदलो वरना जान ले लेंगे !

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कश्मीरी पंडितों के बाद अब घाटी में सिखों को निकालने की साजिश, कहा धर्म बदलो वरना जान ले लेंगे !

19 जनवरी 1990 ये वो तारिक है जब जम्मू कश्मीर से कश्मीरी पंडितो का सबसे बड़ा विस्थापन हुआ. ये वो मनहूस दिन था जब घाटी में पले बढ़े उसकी पहचान रहे कश्मीरी पंडित देश के अलग-अलग राज्यों में विस्थापित हुए. बड़े बड़े और आलिशान बंगलो में रहने वाले कश्मीरी पंडित तम्बुओं में शिफ्ट हो गए. कश्मीरी पंडितो के बाद अब घाटी के सिख भी अपनी सुरक्षा को लेकर परेशान है और इसकी वजह एक सिख लडकी है जोकि परेशान है इस लडकी ने दावा किया है कि उसे धर्म बदलवाने के लिए आतंकवादियों की धमकी मिली है.

आखिर कौन सा आतंकी संगठन इस लडकी को धमकी दे रहा है और क्या है इस लडकी की दर्दभरी कहानी आज हम आपको इसके बारे में बताने जा रहे है. आपकी जानकारी के लिए बता दें कि पिछले महीने की 16 जून को जब ईद की नमाज के बाद श्रीनगर में पत्थरबाज बेकाबू हो गये थे. यहाँ तक उन्होंने सुरक्षाबलों पर भी जमकर पत्थरबाजी की है. पत्थर बरसाने वाले नौजवानों के हाथो में अलग अलग झंडे थे. इनमे से एक झंडा दुनिया के सबसे खूंखार आतंकी ISIS का है

कश्मीर में रहने वाली एक सिख छात्रा ने ये दावा किया है कि उसपर धर्म बदलने का दवाब डाला जा रहा है और जब इसने मना किया तो इसे आतंकवादियों की धमकी दी गयी. इसके साथ ही आपको बता दें कि कश्मीर के मुफ़्ती आजम नासिर का दावा है कि भारत के 22 करोड़ मुसलमानों के साथ नाइंसाफी हो रही है और घाटी में सेना को इसलिए छुट दी गयी क्योंकि BJP 2019 में मुसलमानों का कत्लेआम करवाना चाहती है.

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कश्मीर में सिख लडकी जिसको धर्म बदलने के लिए कहा जा रहा है उसने बताया कि जब रमजान का महीना चल रहा था तो उसमे कई छात्र थे जिन्होंने उसे परेशान किया. इसमें सबसे पहले एक लडकी ने नमाज पढने के लिए कहा और फिर सर ढंकने के लिए भी कहा. इसके बाद दुसरे-तीसरे दिन एक लड़का जो हमारे साथ पढ़ता था. उसका नाम यावर है. वो मेरे पास आया और कहने लगा मुझे तुम्हारे धर्म से दिक्कत है इसके बाद लडकी को जान से मारने की धमकी दी गयी. इस घटना के बाद कश्मीर में पुरे सिख समुदाय को डरा दिया है.

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