कर्नाटक में रहेगी येदियुरप्पा की ही सरकार, बहुमत के लिए भाजपा की बड़ी योजना का खुलासा

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कर्नाटक के दंगल में कौन जीतेगा और कौन हारेगा। इसका फैसला होने वाला है। सुप्रीम कोर्ट में तीन जजों की बेंच के सामने हुई सुनवाई में कोर्ट ने बड़ा फैसला दे दिया है। सुप्रीम कोर्ट ने बहुमत साबित करने के लिए फ्लोर टेस्ट की समय सीमा को 15 दिन से घटाकर एक दिन कर दिया है। यानि अब शनिवार को येदियुरप्पा सरकार को फ्लोर टेस्ट करवाना है। इसके लिए भाजपा ने बड़ी योजना बना भी ली है।

बहुमत के लिए है 212 विधायकों की जरूरत
चुनाव में भाजपा के 104 विधायक जीते हैं। वहीं कांग्रेस को 78 और जेडीएस को 37, निर्दलीय 2 और एक सीट बसपा के खाते में गई है। अब भाजपा को फ्लोर टेस्ट पास करने के लिए 112 विधायकों की जरूरत होगी। अभी के हिसाब से येदियुरप्पा सरकार को टिके रहने के लिए 8 और विधायकों की जरूरत पड़नी है। तभी सरकार बच सकती है।

कुमार स्वामी की वजह से मिलेगी थोड़ी राहत
आपको पता होगा कि जनता दल सेक्यूलर पार्टी के प्रमुख कुमार स्वामी ने कर्नाटक चुनाव दो सीटों से लड़ा था। दोनों पर ही वो जीत गये हैं। अब नियम के मुताबिक एक सीट उनको छोड़नी होगी क्योंकि कोई भी विधायक एक सीट ही सीट से चुनाव में जीत दिखा सकता है। यानि 222 की जगह भाजपा को एक सीट कम 221 पर ही बहुमत साबित करना होगा। यानि 111 विधायकों पर ही टेस्ट पास हो जायेगा।

भाजपा को अब चाहिए बस 7 विधायक
सबसे बड़ा टर्निंग प्वाइंट बनेंगे कांग्रेस के वो 7 विधायक जो लिंगायत समुदाय के हैं। आपको शायद पता नहीं होगा लेकिन कर्नाटक में दो समुदाय वोक्कलिगा और लिंगायत के बीच सदियों पुरानी दुश्मनी है। येदियुरप्पा लिंगायत समुदाय से हैं जबकि कांग्रेस ने कुमार स्वामी को समर्थन दिया है जो वोक्कलिगा समुदाय के हैं। इसका मतलब साफ है कि ये विधायक भाजपा को समर्थन दे सकते है यानि 111 की संख्य़ा पूरी।


14 विधायक गैर हाजिर रहें तब भी बन जायेगी बात
एक और बड़ा पेंच है जो आपको समझना जरूरी है। फ्लोर टेस्ट पास करने के लिए जरूरी नहीं कि भाजपा के पास 111 का आंकड़ा ही हो। उस दिन सदन में उपस्थित विधायकों की संख्या के आधार पर यह फैसला होता है कि बहुमत है या नहीं। यानि अगर 14 विधायक सदन में नहीं पहुंचे तो फैसला 221 नहीं 207 सीटों के आधार पर होगा। यानि भाजपा को 104 सीटों में ही बहुमत मिल जायेगा। आपने गौर भी किया होगा कि रिजॉर्ट में ही कुछ कांग्रेसी विधायकों की तबीयत खराब होने लगी थी यानि इशारा साफ है।

तीन विधायक भी आ सकते हैं पाले में
सबसे बड़ी बात है वो तीन विधायक जिनको भाजपा में लाना कोई बड़ी बात नहीं है। दो निर्दलीय हैं और तीसरा बसपा का विधायक। तीनों का समर्थन हासिल करना येदियुरप्पा के लिए बड़ी बात नहीं है जबकि उनके साथ अरबपति बेल्लारी बंधु साथ हैं। ऐसे में कह सकते हैं कि येदियुरप्पा की सरकार को कुछ होने वाला नहीं है। वैसे भी कांग्रेस के तीन विधायक अभी गायब ही चल रहे हैं।…अगर आपको यह रिपोर्ट पसंद आई तो आप इसको शेयर कर सकते हैं। ऐसी ही और खबरों को पढ़ने के लिए आप मुझे फॉलो भी कर सकते हैं। धन्यवाद।।

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