तो आखिरकार कर्नाटक में वो हो ही गया शायद जिसकी कल्पना भी किसी ने नहीं की थी

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देश में 20 राज्यों में सरकार बनाने के बाद बीजेपी , प्रधानमंत्री की अगुवाई में कांग्रेस को कर्नाटक की सियासत से भी बेदखल करने की और अग्रसर हों चुकी है , इसके भी कुछ तार्किक कारण है जो की एक सिंपल सी गणित हे जिसको समझना कोई राकेट साइंस नहीं है

1 कोर वोट बैंक

देश के हर राज्य में सभी पार्टियों का एक बेस या आधार वोट बैंक होता है जो की कर्नाटक में भी दोनों पार्टियो के पास है अब इस वोट बैंक में फ्लोटिंग या आखिर समय में निर्णय लेने वाले वोटो से ही सरकारे बनती आयी है

राज्य में कांग्रेस का कोर वोट बैंक 29% है जिसमे कुर्बास – मुस्लिम और SC Right (चलावादी SC कम्मुनिटी ) जिसे हे चुनाव विश्लेषक अहिंदा बता रहे है

बीजेपी के पास भी राज्य में 29% पक्का वोट बैंक है जिसमे लिंगायत , SC Left (मदिगास,लमानिस,बौविस ) और General कास्ट अब दोनों में फर्क ये है की कांग्रेस का वोट बैंक पुरे राज्य में बटा हुवा है जिस से वो बहुत ज़्यादा सीटों पर निर्णायक भूमिका में नहीं आ पाते जबकि बीजेपी का वोट बैंक 125 सीटों पर सीमित हे जिसके कारन उसको कम वोट प्रतिशत मिलने पर भी सीटे ज्यादा मिलती है अन्य जातियों में Eedigas , kabbaligas , Bunts और शहरी मतदाताओं का बड़ा वर्ग बीजेपी के पक्ष में दिख रहा है , जबकि शहरी लिबरल और OBC की कुछ छोटे जनआधार वाली जातिया कांग्रेस की और दिख रही है

2 चुनाव कैम्पेन का असर

हर चुनाव में लगभग 8 -10 % मतदाता ऐसे होते हे जो आखिर में चुनावी भाषणों और सभाओ से प्रभावित होकर अपना वोट देने का मन बनाते हे और कोई अँधा भी बता देगा की मोदीजी की सभाओ ने उस वोटर को प्रभावित करने का वो काम बखूभी किया है

3 एंटी इनकम्बेंसी

कांग्रेस ने अपने पुराने विधायकों को दोबारा टिकट देकर बहुत बड़ी गलती कर दी , हिंदुस्तान में मुद्दों पर आधारित एंटी इनकम्बेंसी काम करती है और पूरा उत्तरी और मध्य कर्नाटक भारी जल संकट से जुझ रहा है जहा बहुत से कांग्रेस विधायकों को तो प्रचार तक नहीं करने दिया गया

4 कांग्रेस के CM को उनके घर में घेरना

बीजेपी प्रचार के आखिरी दिन बैंगलोर या किसी अन्य ज्यादा सीट वाले क्षेत्र को चुन सकती थी लेकिन उन्होंने बड़ी चतुराई से CM के क्षेत्र बादामी को चुना जहा अमित शाह और दर्जन भर नेताओ ने रोड शो और सभाये करके ये सन्देश देने में कामयाब रहे की उन्होंने कांग्रेस के दूल्हे को ही घेर लिया है

Final Verdict –

बीजेपी लगभग 100 पर तो निर्णायक बढ़त में है उसे बस 15 करीबी सीटों पर थोड़ी ज्यादा मेहनत करके आसानी से सरकार बना लेगी , ये जीत निश्चित रूप से UP जैसे बड़ी नहीं होगी पर कांग्रेस का आखिरी बड़ा किला ढहाकर बीजेपी आने वाले 2018 के 3 राज्यों के विधानसभा चुनावो में पुरे दमखम के साथ उतरेगी

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