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12 जनवरी को पूर्णिमा तिथि, जानिए राशि अनुसार शिव पूजा के खास उपाय !!

12 जनवरी गुरुवार को है पूर्णिमा तिथि. इस तिथि को शाकंभरी पूर्णिमा और माघ मास की पूर्णिमा कहते हैं.  पुराने सभी पाप दूर करने के लिए इस पूर्णिमा पर पूजा और किसी पवित्र नदी में स्नान अवश्य करें. जानिए राशि अनुसार शिव पूजा के खास उपाय जो पूर्णिमा पर किए जा सकते हैं.
  • मेष राशि:- इस राशि के लोग शिवलिंग पर कच्चा दूध एवं दही अर्पित करें. साथ ही, भोलेनाथ को धतूरा चढ़ाए. कपूर जलाकर भगवान की आरती करें.
  • वृष राशि :- किसी भी शिव मंदिर में जाकर भगवान शिव को गन्ने के रस से स्नान करवाए. इसके बाद मोगरे का इत्र शिवलिंग पर अर्पित करें. अंत में भगवान को मिठाई का भोग लागएं एवं आरती करें.
  • मिथुन राशि :- स्फटिक के शिवलिंग की पूजा करेंगे तो श्रेष्ठ रहेगा. यदि स्फटिक शिवलिंग न हो तो किसी अन्य शिवलिंग की पूजा की जा सकती है. लाल गुलाल, कुमकुम, चंदन, इत्र आदि से शिवलिंग का अभिषेक कर सकते है.
  • कर्क राशि :- इस राशि के लोग अष्टगंध एवं चंदन से शिवजी का अभिषेक करें. आटे से बनी रोटी का भोग लगाकर शिवलिंग का पूजन करें. बेर अर्पित करें.
  • सिंह राशि :- इस राशि के लोगों को फलों के रस के साथ पानी में चीनी घोलकर शिवलिंग का अभिषेक करना चाहिए. साथ ही शिवलिंग पर आंकडें के पुष्प अर्पित कर मीठा भोग लगाना चाहिए.
  • कन्या राशि :- ये लोग महादेव को बेर, धतूरा, भांग, और आंकडें के फूल अर्पित करें. इसके साथ बिल्व पत्र पर रखकर नैवेध अर्पित करें. कपूर मिश्रित जल से अभिषेक कराएं.
    तुला राशि :- जल में तरह-तरह के फूल डालकर उस जल से शिवजी का अभिषेक कराएं. बिल्व पत्र, मोगरा गुलाब, चावल, चंदन आदि भोलेनाथ को अर्पित करें. अंत में आरती करें.
    वृश्चक राशि :- इन लोगों को शुद्ध जल से शिवलिंग का अभिषेक करना चाहिए. शहद, घी से स्नान करने के साथ पुनः पवित्र जल से स्नान कराएं और आरती करें.
    धनु राशि :- धनु राशि के लोग शिवजी को सूखे मेवे का भोग लगाएं. बिल्व पत्र, गुलाब आदि अर्पित करके आरती करें.
    मकर राशि:- इस राशि के लोग गेहूँ से शिवलिंग को ढंककर विधिवत पूजन करें. पूजन आरती पूर्ण होने के बाद गेहूँ का दान कर दें. इस उपाय से आपकी सभी समस्याएँ समाप्त हो सकती हैं.
    कुंभ राशि :- ये लोग सफ़ेद और काले तिल एक साथ मिलाकर किसी ऐसे शिवलिंग पर चढ़ाए. जो एकांत में हो. शिवलिंग पर जल अर्पित करें. इसके बाद काले सफ़ेद तिल अर्पित करें. पूजा के बाद आरती करें.

By: Staff Writer on Monday, January 9th, 2017

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